नागपुर सहित महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में नर्सों की अनिश्चितकालीन हड़ताल स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
Published on 21 July 2025
नागपुर, 20 जुलाई 2025:महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत नर्सों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की गई है, जिसका सीधा असर नागपुर समेत पूरे राज्य के अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है।हड़ताल के प्रमुख कारण  नर्सिंग स्टाफ पिछले कई दिनों से सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों, ठेका भर्ती प्रणाली का विरोध, भत्तों में वृद्धि, रिक्त पदों की तत्काल भर्ती एवं समय पर पदोन्नति जैसी मांगों को लेकर संघर्षरत है। नर्सिंग संगठनों का कहना है कि बार-बार निवेदन के बावजूद सरकार से समाधान नहीं मिल रहा।सेवाओं पर असर :नागपुर के प्रमुख अस्पताल जैसे गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (GMCH), मेयो अस्पताल, सुपरस्पेशलिटी एवं आयुर्वेदिक अस्पताल में सैकड़ों नर्सें काम पर नहीं आ रही हैं। इससे भर्ती, ऑपरेशन सहित सामान्य चिकित्सा सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। केवल इमरजेंसी सेवाओं को कुछ हद तक कार्यरत रखा गया है, लेकिन मरीजों की भीड़ और अव्यवस्था बनी हुई है। कई सर्जरियां टाली जा चुकी हैं और अस्पताल प्रबंधन अस्थायी नर्सिंग स्टाफ या छात्र नर्सों के जरिए व्यवस्थाएं संभालने का प्रयास कर रहा है।प्रशासन का रुख :अस्पताल प्रशासन ने हड़ताली नर्सों को काम पर लौटने का अल्टीमेटम जारी किया है। कई जगह सस्पेंशन जैसी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है, लेकिन नर्सिंग स्टाफ अपनी मांगों के प्रति अडिग है। प्रशासन कहना है कि मरीजों की सुविधा के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं, मगर अस्थायी व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।नर्सों की मुख्य मांगें :ठेका भर्ती नीति रद्द कर सभी नर्सों की स्थायी नियुक्तिसातवें वेतन आयोग की विसंगतियों का समाधानभत्तों में वृद्धि एवं करियर ग्रोथ सुनिश्चित करनारिक्त पदों पर तत्काल भर्ती एवं नई पदोन्नति नीति लागू करनास्वतंत्र नर्सिंग निदेशालय की स्थापनावार्ता का गतिरोध  फिलहाल सरकार और नर्सिंग संघों के बीच कोई समाधान नहीं निकल पाया है। नर्सिंग संगठनों ने सरकार से अपील की है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।